क्यों बलात्कार जैसे अपराध में भी राजनीतिक दल धर्म और मजहब का खेल खेलने लगते हैं?

क्यों बलात्कार जैसे अपराध में भी राजनीतिक दल धर्म और मजहब का खेल खेलने लगते हैं?

टुनाइट एट नाइन के आज के स्पेशल एडिशन में आपका स्वागत है। कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस अभी शांत भी नहीं हुआ था कि देश की राजधानी दिल्ली के पास गाजियाबाद में एक मदरसे में 11 साल की लड़की से गैंगरेप की वारदात से सनसनी फैल गई है। कठुआ और गाजियाबाद गैंगरेप केस में कई समानताएं हैं लेकिन इन दोनों ही मामलों का विरोध करने का राजनीतिक चरित्र बदल गया है। जो पार्टी कठुआ में जोर-शोर से आवाज उठा रही थी वो गाजियाबाद गैंगरेप केस में चुप्पी साधे बैठी है। आखिर ऐसा क्यों होता है कि बलात्कार जैसे अपराध में भी आंदोलन करने से पहले राजनीतिक दल धर्म और मजहब का खेल खेलने लगते हैं? आखिर बलात्कार पीड़िता को हिंदू या मुसलमान समझकर राजनीति क्यों की जाती है? इसी मुद्दे पर आज हम एक बड़े पैनल के साथ बड़ी बहस करेंगे.


User: Inkhabar

Views: 6

Uploaded: 2018-04-27

Duration: 40:08