जिसकी जितनी संख्या भारी । उसकी उतनी हिस्सेदारी।। जाति जनगणना ही देश के विकास का एक मात्र विकल्प है।

जिसकी जितनी संख्या भारी । उसकी उतनी हिस्सेदारी।। जाति जनगणना ही देश के विकास का एक मात्र विकल्प है।

जिसकी जितनी संख्या भारी ।br उसकी उतनी हिस्सेदारी।।br जाति जनगणना ही देश के विकास का एक मात्र विकल्प है।br br हम समाज को जागरूक करना चाहते हैं।br क्योकि जब तक समाज जागरूक नहीं होगाbr तब तक हमारा हक दूसरे लोग जो सिर्फ 3हैं खाते रहेगें।br और हम 85मार खाते रहेंगे।br ये अन्याय हम कब तक सहते रहेंगे।br हमे एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए लड़ना होगा।br ये हजारों सालों की गुलामी से आजाद होना होगा।br इसी गुलामी से तंग आकर कुछ लोग मुसलमान हो गएbr मगर फिर भी इनसे आजाद न हो सके।br धन्यवादbr कृपया आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें ।


User: Mix creater

Views: 1

Uploaded: 2023-06-21

Duration: 06:30