कुरुक्षेत्र में कुंज पांचजन्य । जब युद्ध अनिवार्य हुआ जाने क्या था पांचजन्य

कुरुक्षेत्र में कुंज पांचजन्य । जब युद्ध अनिवार्य हुआ जाने क्या था पांचजन्य

खा📯 दिव्य शंख का महत्व 📯br br शंख केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और विजय का प्रतीक है। भगवान विष्णु ने इसे धारण किया, जिससे यह शक्ति, शुद्धता और शुभता का प्रतीक बना। शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। इसे बजाने से वातावरण में दिव्य तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होती हैं।br br 🔱 जहाँ शंखनाद गूंजता है, वहाँ कल्याण और विजय निश्चित होती है! 🔱br br 🌿 क्या आप रोज़ शंख बजाते हैं? कमेंट में हमें बताएं! 🌿br br 🙏 जय श्री हरि! 🙏br br


User: MANNU KA SANATAN GYAAN

Views: 5

Uploaded: 2025-07-01

Duration: 00:50