''मैं मलबे में आधे से ज्यादा दबा हूं, मुझे बचा ले बेटा'', सुशील के कानों में गूंज रहे पिता के आखिरी शब्द

''मैं मलबे में आधे से ज्यादा दबा हूं, मुझे बचा ले बेटा'', सुशील के कानों में गूंज रहे पिता के आखिरी शब्द

उत्तरकाशी के धराली बाजार में अब सिर्फ मलबे का ढेर ही बचा है, जिसके नीचे न जाने कितनी जिंदगियां दफन हैं.


User: ETVBHARAT

Views: 764

Uploaded: 2025-08-09

Duration: 03:04